भारतीय सेना को मिलेंगे 450 Carl Gustaf M4 Rocket Launchers: पूरी जानकारी, विशेषताएँ, रणनीतिक महत्व और Exam Notes

 

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच ₹35,000 करोड़ व्यापार लक्ष्य

परिचय

भारत अपनी रक्षा तैयारियों को लगातार मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, सीमावर्ती तनाव और आधुनिक युद्ध तकनीकों को देखते हुए भारतीय सेना अपने हथियारों और सैन्य उपकरणों का आधुनिकीकरण कर रही है। इसी क्रम में भारतीय सेना को 450 Carl Gustaf M4 मल्टी-रोल रिकॉयललेस रॉकेट लॉन्चर मिलने जा रहे हैं।

यह निर्णय केवल नए हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय सेना की युद्ध क्षमता, तेज़ प्रतिक्रिया देने की क्षमता और आधुनिक युद्धक्षेत्र में प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Carl Gustaf M4 दुनिया के सबसे विश्वसनीय पोर्टेबल एंटी-आर्मर हथियारों में गिना जाता है। इसका उपयोग कई देशों की सेनाएँ कर रही हैं क्योंकि यह हल्का, सटीक और बहुउद्देशीय हथियार है। भारतीय सेना पहले से इसके पुराने संस्करणों का उपयोग करती रही है, लेकिन M4 संस्करण नई तकनीक, कम वजन और बेहतर प्रदर्शन के कारण अधिक प्रभावी माना जाता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC CGL, UPSC, NDA, CDS, CAPF और राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में रक्षा क्षेत्र से जुड़े ऐसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए इस विषय को समझना अभ्यर्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।


Carl Gustaf M4 क्या है?

Carl Gustaf M4 एक 84 मिमी कैलिबर का रिकॉयललेस मल्टी-रोल रॉकेट लॉन्चर है, जिसे स्वीडन की रक्षा कंपनी Saab ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य सैनिकों को ऐसा हथियार उपलब्ध कराना है जो हल्का होने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम हो।

यह एक ऐसा हथियार है जिसे एक सैनिक आसानी से अपने कंधे पर लेकर चल सकता है और आवश्यकता पड़ने पर कुछ ही सेकंड में उपयोग कर सकता है। इसकी डिजाइन इस प्रकार तैयार की गई है कि यह कठिन पर्वतीय क्षेत्रों, जंगलों और सीमावर्ती इलाकों में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।

Carl Gustaf M4 को केवल एंटी-टैंक हथियार के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि यह एक मल्टी-रोल वेपन सिस्टम है। इसका उपयोग बंकर, कंक्रीट की दीवारें, हल्के बख्तरबंद वाहन, दुश्मन की फायरिंग पोजीशन तथा अन्य सामरिक लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है।


भारतीय सेना के लिए यह हथियार क्यों महत्वपूर्ण है?

भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है और उसे विभिन्न प्रकार की भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है। उत्तरी सीमा पर ऊँचे पर्वत, पश्चिमी सीमा पर रेगिस्तानी क्षेत्र और उत्तर-पूर्व में घने जंगल जैसे क्षेत्रों में ऐसे हथियारों की आवश्यकता होती है जो हल्के होने के साथ-साथ अत्यधिक प्रभावी भी हों।

Carl Gustaf M4 इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है।

इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका कम वजन है। सैनिक लंबे समय तक गश्त के दौरान भी इसे आसानी से अपने साथ रख सकते हैं। युद्ध की स्थिति में तेजी से तैनाती इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

इसके अलावा यह हथियार अलग-अलग प्रकार के गोला-बारूद का उपयोग कर सकता है। यानी एक ही लॉन्चर से विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग प्रकार के लक्ष्य पर हमला किया जा सकता है। इससे सेना की परिचालन क्षमता बढ़ती है और सैनिकों को कई अलग-अलग हथियार साथ रखने की आवश्यकता कम हो जाती है।


आधुनिक युद्ध में Carl Gustaf M4 की भूमिका

आज का युद्ध केवल भारी टैंकों और लड़ाकू विमानों पर निर्भर नहीं है। आधुनिक युद्ध में छोटे, मोबाइल और उच्च सटीकता वाले हथियारों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

Carl Gustaf M4 इसी श्रेणी का हथियार है। यह विशेष रूप से उन अभियानों में उपयोगी है जहाँ सैनिकों को तेज़ी से स्थान बदलना पड़ता है या कठिन इलाकों में सीमित संसाधनों के साथ ऑपरेशन करना होता है।

यह हथियार शहरी युद्ध, आतंकवाद विरोधी अभियान, पर्वतीय युद्ध और सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले सैन्य अभियानों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है।


Carl Gustaf M4 की प्रमुख विशेषताएँ

  • 84 मिमी रिकॉयललेस रॉकेट लॉन्चर
  • हल्का एवं पोर्टेबल डिजाइन
  • एक सैनिक द्वारा आसानी से संचालित
  • विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद के साथ संगत
  • बंकर, दीवार और बख्तरबंद वाहन नष्ट करने में सक्षम
  • आधुनिक ऑप्टिकल साइट और फायर कंट्रोल सिस्टम के साथ उपयोग योग्य
  • तेज़ तैनाती और उच्च सटीकता
  • कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में प्रभावी प्रदर्शन

यह खबर परीक्षा की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?

रक्षा क्षेत्र से जुड़े विषय SSC, UPSC, NDA, CDS, AFCAT, CAPF तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यदि किसी हथियार प्रणाली को भारतीय सेना में शामिल किया जाता है, तो उससे संबंधित प्रश्न अक्सर परीक्षा में देखने को मिलते हैं।

उदाहरण के लिए परीक्षा में पूछा जा सकता है—

  • Carl Gustaf M4 किस प्रकार का हथियार है?
  • इसका विकास किस कंपनी ने किया?
  • इसका उपयोग किन सैन्य अभियानों में किया जाता है?
  • भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में इसकी क्या भूमिका है?

Carl Gustaf M2, M3 और M4 में क्या अंतर है?

Carl Gustaf रॉकेट लॉन्चर का विकास कई चरणों में हुआ है। समय के साथ युद्ध की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए इसके नए संस्करण विकसित किए गए। भारतीय सेना पहले से M2 और M3 संस्करणों का उपयोग करती रही है, जबकि M4 सबसे आधुनिक और उन्नत संस्करण माना जाता है।

Carl Gustaf M2

M2 इस श्रृंखला का शुरुआती संस्करण था। यह मजबूत और विश्वसनीय था, लेकिन इसका वजन अधिक था। लंबे समय तक ऑपरेशन के दौरान सैनिकों को इसे ले जाने में अपेक्षाकृत अधिक कठिनाई होती थी।

Carl Gustaf M3

M3 संस्करण में वजन कम किया गया और बेहतर सामग्री का उपयोग किया गया। इससे सैनिकों की गतिशीलता बढ़ी और इसे दुनिया के कई देशों ने अपनाया।

Carl Gustaf M4

M4 वर्तमान में इस श्रृंखला का सबसे आधुनिक संस्करण है। इसे आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसमें कम वजन, बेहतर एर्गोनॉमिक डिज़ाइन, आधुनिक ऑप्टिकल सिस्टम, भविष्य के स्मार्ट गोला-बारूद के साथ संगतता और डिजिटल फायर कंट्रोल जैसी उन्नत सुविधाएँ हैं।


भारतीय सेना को 450 Carl Gustaf M4 लॉन्चरों की आवश्यकता क्यों?

भारतीय सेना लगभग 15,000 किलोमीटर से अधिक लंबी स्थलीय सीमा की सुरक्षा करती है। इनमें पर्वतीय क्षेत्र, रेगिस्तान, जंगल और ऊँचाई वाले इलाके शामिल हैं। हर क्षेत्र में एक जैसे हथियार प्रभावी नहीं होते।

Carl Gustaf M4 ऐसे वातावरण में उपयोगी है जहाँ सैनिकों को हल्का लेकिन शक्तिशाली हथियार चाहिए। इसके प्रमुख कारण हैं—

1. पर्वतीय क्षेत्रों में उपयोग

लद्दाख, सियाचिन और अरुणाचल प्रदेश जैसे इलाकों में भारी हथियारों की तुलना में हल्के हथियार अधिक प्रभावी होते हैं। M4 को सैनिक आसानी से लंबे समय तक अपने साथ रख सकते हैं।

2. आतंकवाद विरोधी अभियान

आतंकवाद विरोधी अभियानों में कई बार आतंकवादी मजबूत इमारतों, बंकरों या पहाड़ी गुफाओं में छिप जाते हैं। ऐसे लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए M4 अत्यंत उपयोगी है।

3. तेज़ प्रतिक्रिया

आधुनिक युद्ध में प्रतिक्रिया का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। M4 को कुछ ही क्षणों में उपयोग के लिए तैयार किया जा सकता है।

4. बहुउद्देशीय उपयोग

एक ही हथियार से अलग-अलग प्रकार के गोला-बारूद का उपयोग किया जा सकता है। इससे सैनिकों को अलग-अलग हथियार ले जाने की आवश्यकता कम होती है।


भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में इसकी भूमिका

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण किया है। आधुनिक राइफलें, ड्रोन, निगरानी प्रणाली, मिसाइलें, संचार उपकरण और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सेना को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

Carl Gustaf M4 इसी आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है।

इससे सेना को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे—

  • सैनिकों की गतिशीलता बढ़ेगी।
  • कठिन परिस्थितियों में ऑपरेशन आसान होंगे।
  • कम समय में लक्ष्य पर सटीक हमला संभव होगा।
  • युद्ध के दौरान हथियारों की विविधता बढ़ेगी।

Make in India और रक्षा क्षेत्र

भारत सरकार का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करना और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना है। "मेक इन इंडिया" और "आत्मनिर्भर भारत" पहल के तहत रक्षा कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाई जा रही है।

यदि Carl Gustaf M4 से संबंधित निर्माण, असेंबली या तकनीकी सहयोग भारत में बढ़ता है, तो इसके कई लाभ होंगे—

  • रक्षा उत्पादन में वृद्धि
  • नई तकनीकों का विकास
  • रोजगार के अवसर
  • विदेशी आयात पर निर्भरता में कमी
  • रक्षा उद्योग को मजबूती

वैश्विक स्तर पर Carl Gustaf की लोकप्रियता

Carl Gustaf श्रृंखला का उपयोग दुनिया के कई देशों की सेनाएँ करती हैं। इसकी विश्वसनीयता, कम रखरखाव और बहुउद्देशीय क्षमता के कारण यह दशकों से सैन्य बलों की पसंद बना हुआ है।

आधुनिक संस्करण M4 विशेष रूप से उन सेनाओं के लिए उपयोगी माना जाता है जो तेज़, हल्के और अत्यधिक प्रभावी हथियारों की तलाश में हैं।


प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए Exam Notes

याद रखने योग्य तथ्य

  • हथियार का नाम – Carl Gustaf M4
  • प्रकार – Recoilless Multi-role Rocket Launcher
  • कैलिबर – 84 mm
  • निर्माता – Saab (Sweden)
  • उपयोगकर्ता – भारतीय सेना सहित कई देशों की सेनाएँ
  • उपयोग – बंकर, बख्तरबंद वाहन, दीवारें और अन्य सामरिक लक्ष्य

Static GK Connection

भारत का रक्षा मंत्रालय

  • स्थापना: 15 अगस्त 1947
  • मुख्यालय: नई दिल्ली

Chief of Defence Staff (CDS)

  • भारत में तीनों सेनाओं के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

DRDO

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
  • स्थापना: 1958
  • मुख्यालय: नई दिल्ली

विशेषज्ञों की राय

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के युद्धों में केवल भारी हथियारों से सफलता नहीं मिलेगी। छोटे, हल्के, सटीक और बहुउद्देशीय हथियारों का महत्व लगातार बढ़ेगा। Carl Gustaf M4 इसी सोच का एक उदाहरण है। इसकी तैनाती भारतीय सैनिकों को कठिन परिस्थितियों में भी अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में सहायता करेगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण MCQs (व्याख्या सहित)

प्रश्न 1.

हाल ही में भारतीय सेना द्वारा शामिल किए जाने वाले Carl Gustaf M4 का संबंध किससे है?

A. लड़ाकू विमान

B. रॉकेट लॉन्चर

C. बैलिस्टिक मिसाइल

D. युद्धपोत

उत्तर: B. रॉकेट लॉन्चर

व्याख्या: Carl Gustaf M4 एक 84 मिमी रिकॉयललेस मल्टी-रोल रॉकेट लॉन्चर है, जिसका उपयोग पैदल सेना द्वारा किया जाता है।


प्रश्न 2.

Carl Gustaf M4 का निर्माण किस कंपनी ने किया है?

A. Lockheed Martin

B. Saab

C. BAE Systems

D. HAL

उत्तर: B. Saab

व्याख्या: Saab स्वीडन की प्रमुख रक्षा कंपनी है जिसने Carl Gustaf श्रृंखला का विकास किया है।


प्रश्न 3.

Carl Gustaf M4 किस देश में विकसित किया गया?

A. अमेरिका

B. भारत

C. स्वीडन

D. फ्रांस

उत्तर: C. स्वीडन


प्रश्न 4.

Carl Gustaf M4 मुख्य रूप से किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है?

A. हवाई हमला

B. टैंक, बंकर और किलेबंदी को नष्ट करना

C. समुद्री युद्ध

D. मिसाइल रक्षा

उत्तर: B.

व्याख्या: यह मल्टी-रोल हथियार बख्तरबंद वाहन, बंकर और अन्य सामरिक लक्ष्यों के विरुद्ध प्रभावी है।


प्रश्न 5.

Carl Gustaf M4 का कैलिबर कितना है?

A. 60 mm

B. 75 mm

C. 84 mm

D. 105 mm

उत्तर: C. 84 mm


प्रश्न 6.

Carl Gustaf M4 का सबसे बड़ा लाभ क्या है?

A. भारी वजन

B. केवल एक प्रकार का गोला-बारूद

C. हल्का वजन और बहुउद्देशीय उपयोग

D. केवल टैंक पर हमला

उत्तर: C.


प्रश्न 7.

भारतीय सेना में M4 संस्करण शामिल करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

A. पुराने हथियारों का आधुनिकीकरण

B. नौसेना का विस्तार

C. वायुसेना का आधुनिकीकरण

D. परमाणु क्षमता बढ़ाना

उत्तर: A.


प्रश्न 8.

Carl Gustaf M4 सबसे अधिक उपयोगी है—

A. पर्वतीय युद्ध

B. आतंकवाद विरोधी अभियान

C. सीमावर्ती ऑपरेशन

D. उपरोक्त सभी

उत्तर: D.


प्रश्न 9.

Carl Gustaf M4 किस प्रकार का हथियार है?

A. Recoilless Multi-role Rocket Launcher

B. Cruise Missile

C. Anti Aircraft Missile

D. Assault Rifle

उत्तर: A.


प्रश्न 10.

Carl Gustaf M4 का उपयोग कौन-सी सेना करेगी?

A. भारतीय नौसेना

B. भारतीय वायुसेना

C. भारतीय सेना

D. भारतीय तटरक्षक

उत्तर: C.


प्रश्न 11.

M4 संस्करण किसकी तुलना में अधिक आधुनिक है?

A. M2 और M3

B. INSAS

C. AK-47

D. T-90

उत्तर: A.


प्रश्न 12.

भारतीय सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?

A. सैनिकों को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराना

B. सीमा सुरक्षा मजबूत करना

C. युद्ध क्षमता बढ़ाना

D. उपरोक्त सभी

उत्तर: D.


प्रश्न 13.

Carl Gustaf M4 का संचालन सामान्यतः कौन करता है?

A. पैदल सेना

B. नौसेना

C. वायुसेना

D. अंतरिक्ष बल

उत्तर: A.


प्रश्न 14.

Carl Gustaf M4 को किस श्रेणी का हथियार माना जाता है?

A. मल्टी-रोल हथियार

B. स्नाइपर राइफल

C. मशीन गन

D. मोर्टार

उत्तर: A.


प्रश्न 15.

भारत सरकार की कौन-सी पहल रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देती है?

A. मेक इन इंडिया

B. डिजिटल इंडिया

C. स्वच्छ भारत

D. स्टार्टअप इंडिया

उत्तर: A.


Quick Revision (One-Liner Facts)

  • Carl Gustaf M4 एक 84 mm Recoilless Rocket Launcher है।
  • इसका विकास Saab (Sweden) ने किया।
  • भारतीय सेना को 450 लॉन्चर मिलने हैं।
  • यह M3 का उन्नत संस्करण है।
  • इसका उपयोग बंकर और बख्तरबंद वाहनों के विरुद्ध किया जाता है।
  • यह हल्का और पोर्टेबल है।
  • आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम के साथ संगत है।
  • कई प्रकार के गोला-बारूद का उपयोग कर सकता है।
  • पर्वतीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में अत्यंत उपयोगी है।
  • भारतीय सेना के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

SSC/UPSC Exam Notes

Prelims के लिए याद रखें:

  • निर्माता कंपनी
  • देश
  • कैलिबर
  • उपयोग
  • भारतीय सेना में महत्व

Mains के लिए लिखें:

  • आधुनिक युद्ध में पोर्टेबल हथियारों की भूमिका
  • भारतीय सेना का आधुनिकीकरण
  • रक्षा आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया
  • सीमावर्ती सुरक्षा पर प्रभाव

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्य बिंदु (Exam Highlights)

यदि आप SSC CGL, CHSL, CPO, MTS, UPSC, CDS, NDA, AFCAT, CAPF या राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इस विषय से निम्न प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं—

  • Carl Gustaf M4 किस प्रकार का हथियार है?
  • इसका निर्माण किस देश ने किया है?
  • इसका निर्माण किस कंपनी ने किया?
  • इसका कैलिबर कितना है?
  • भारतीय सेना को यह हथियार क्यों दिया जा रहा है?
  • इसका उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है?
  • Make in India से इसका क्या संबंध है?

रक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

भारतीय सेना

  • स्थापना – 1 अप्रैल 1895
  • मुख्यालय – नई दिल्ली
  • आदर्श वाक्य – Service Before Self

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)

  • स्थापना – 1958
  • मुख्यालय – नई दिल्ली
  • उद्देश्य – भारत के लिए स्वदेशी रक्षा तकनीकों का विकास

रक्षा मंत्रालय

  • मुख्यालय – नई दिल्ली
  • कार्य – तीनों सेनाओं के प्रशासन, आधुनिकीकरण और रक्षा नीति का संचालन

इस समाचार का रणनीतिक महत्व

Carl Gustaf M4 जैसे आधुनिक हथियार भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया, आतंकवाद विरोधी अभियानों में प्रभावी कार्रवाई तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैनिकों की सुरक्षा और मारक क्षमता बढ़ाने में ऐसे हथियार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आधुनिक युद्ध में केवल बड़े हथियार ही नहीं, बल्कि हल्के और बहुउद्देशीय हथियार भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसलिए भारतीय सेना द्वारा Carl Gustaf M4 को शामिल करना रक्षा आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।


निष्कर्ष

भारतीय सेना को 450 Carl Gustaf M4 रॉकेट लॉन्चरों की आपूर्ति केवल एक रक्षा खरीद नहीं है, बल्कि यह भारत की दीर्घकालिक सैन्य रणनीति, आधुनिक युद्ध की तैयारी और सैनिकों को अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह हथियार कठिन परिस्थितियों में तेज़, सटीक और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भी यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि रक्षा आधुनिकीकरण, नई सैन्य तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को केवल तथ्य ही नहीं, बल्कि इस हथियार के रणनीतिक महत्व को भी समझना चाहिए।


Frequently Asked Questions (FAQ)

1. Carl Gustaf M4 क्या है?

यह 84 मिमी कैलिबर का एक आधुनिक मल्टी-रोल रिकॉयललेस रॉकेट लॉन्चर है।

2. इसका निर्माण किस कंपनी ने किया है?

स्वीडन की रक्षा कंपनी Saab ने।

3. भारतीय सेना को यह हथियार क्यों दिया जा रहा है?

सेना की युद्ध क्षमता बढ़ाने, सीमावर्ती अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने और आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने के लिए।

4. इसका उपयोग किन लक्ष्यों पर किया जा सकता है?

बंकर, कंक्रीट संरचनाएँ, हल्के बख्तरबंद वाहन और अन्य सामरिक लक्ष्य।

5. क्या यह प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है?

हाँ। SSC, UPSC, NDA, CDS, AFCAT, CAPF और अन्य परीक्षाओं में रक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

6. Carl Gustaf M4 का कैलिबर कितना है?

84 मिमी।

7. क्या यह पुराने संस्करणों से बेहतर है?

हाँ, M4 वजन में हल्का, तकनीकी रूप से अधिक उन्नत और आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया गया है।

8. क्या भारत पहले भी Carl Gustaf का उपयोग करता था?

हाँ, भारतीय सेना इसके पुराने संस्करणों का उपयोग पहले से करती रही है।


Summary

  • भारतीय सेना को 450 Carl Gustaf M4 लॉन्चर मिलेंगे।
  • यह आधुनिक 84 मिमी मल्टी-रोल रिकॉयललेस रॉकेट लॉन्चर है।
  • इसका निर्माण Saab (Sweden) ने किया है।
  • इसका उपयोग बंकर, बख्तरबंद वाहन और सामरिक लक्ष्यों के विरुद्ध किया जाता है।
  • यह भारतीय सेना के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

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