सारांश (Summary)
भारतीय नौसेना ने 26 मई 2026 को MiG-29K और MiG-29KUB लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी 80-मिमी एयरो रॉकेट के डिजाइन, विकास एवं निर्माण हेतु Expression of Interest (EOI) जारी किया है। यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने तथा विदेशी हथियार प्रणालियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।Indian Navy Seeks Indigenous 80-mm Rockets for MiG-29
पृष्ठभूमि एवं महत्व
भारतीय नौसेना वर्तमान में लगभग 42 MiG-29K/KUB लड़ाकू विमानों का संचालन करती है, जो विमानवाहक पोतों से उड़ान भरने में सक्षम हैं। इन विमानों में उपयोग होने वाले अधिकांश हथियार विदेशी मूल के हैं। ऐसे में नौसेना स्वदेशी 80-मिमी एयर-टू-ग्राउंड रॉकेट विकसित कर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना चाहती है।
प्रस्तावित रॉकेट दुश्मन के जमीनी लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम होगा तथा 400 मिमी तक के कवच को भेद सकेगा। इसके अतिरिक्त यह अत्यधिक गर्म और ठंडे मौसम में भी प्रभावी रूप से कार्य करेगा।
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1. रक्षा प्रौद्योगिकी (Defence Technology)
रक्षा प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने वाली वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रणालियों से संबंधित है। इसमें मिसाइल, लड़ाकू विमान, ड्रोन, रडार, युद्धपोत और आधुनिक संचार प्रणालियाँ शामिल हैं।
आज के समय में युद्ध तकनीक-आधारित हो चुके हैं, इसलिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और उन्नत हथियार प्रणालियों का महत्व बढ़ गया है। स्वदेशी 80-मिमी एयरो रॉकेट का विकास भारत की रक्षा तकनीकी क्षमता को और सशक्त करेगा।
2. रक्षा उत्पादन एवं आत्मनिर्भरता
रक्षा उत्पादन का तात्पर्य देश के भीतर सैन्य उपकरणों और हथियारों के निर्माण से है। आत्मनिर्भरता का उद्देश्य विदेशी आयात पर निर्भरता कम कर घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना है।
भारत लंबे समय तक रक्षा उपकरणों का बड़ा आयातक रहा है। स्वदेशी रॉकेट निर्माण से न केवल आयात पर खर्च कम होगा बल्कि देश की रणनीतिक स्वतंत्रता भी बढ़ेगी।
3. आत्मनिर्भर भारत पहल
आत्मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्य भारत को उत्पादन, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। रक्षा क्षेत्र इस अभियान का प्रमुख हिस्सा है।
सरकार द्वारा रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। 80-मिमी एयरो रॉकेट परियोजना इस पहल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भारतीय रक्षा उद्योग को नई दिशा प्रदान करेगी।
4. सैन्य आधुनिकीकरण
सैन्य आधुनिकीकरण का अर्थ है सेना, नौसेना और वायुसेना को नवीनतम तकनीकों और आधुनिक हथियारों से लैस करना।
आधुनिक युद्ध में तकनीकी श्रेष्ठता निर्णायक भूमिका निभाती है। MiG-29K के लिए नए स्वदेशी रॉकेटों का विकास भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता और परिचालन दक्षता को बढ़ाएगा।
5. स्वदेशी रक्षा निर्माण
स्वदेशी रक्षा निर्माण का उद्देश्य रक्षा उपकरणों का देश के भीतर डिजाइन, विकास और उत्पादन करना है।
इससे विदेशी मुद्रा की बचत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं तथा राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होती है। INS Vikrant, Tejas और Akash जैसी परियोजनाएँ इस दिशा में भारत की सफलता को दर्शाती हैं।
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6. सरकारी नीतियाँ एवं पहल
भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में "मेक इन इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत" और "रक्षा स्वदेशीकरण" जैसी कई नीतियाँ लागू की हैं।
इन नीतियों का उद्देश्य घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन देना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाना है। नौसेना द्वारा जारी EOI इन्हीं सरकारी पहलों का परिणाम है।
7. राष्ट्रीय सुरक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा का संबंध देश की सीमाओं, संप्रभुता और रणनीतिक हितों की रक्षा से है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है क्योंकि इससे युद्ध अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम हो जाती है। स्वदेशी रॉकेट परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
खबर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
MiG-29K
- रूस द्वारा विकसित कैरियर-आधारित मल्टीरोल लड़ाकू विमान।
- भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोतों पर तैनात।
MiG-29KUB
- MiG-29K का दो-सीटर प्रशिक्षण संस्करण।
- पायलट प्रशिक्षण एवं परिचालन अभ्यास के लिए उपयोग किया जाता है।
INS Vikramaditya
- भारतीय नौसेना का प्रमुख विमानवाहक पोत।
- वर्ष 2013 में नौसेना में शामिल किया गया।
INS Vikrant
- भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत।
- वर्ष 2022 में नौसेना में शामिल किया गया।
Indian Navy
- भारतीय सशस्त्र बलों की समुद्री शाखा।
- मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| रॉकेट का प्रकार | Unguided Air-to-Ground Rocket |
| कैलिबर | 80 मिमी |
| वजन | लगभग 11.3 किलोग्राम |
| लंबाई | लगभग 1.54 मीटर |
| अधिकतम गति | 600 मीटर/सेकंड |
| मारक दूरी | 1.3 से 4 किमी |
| कवच भेदन क्षमता | 400 मिमी |
| तापमान सीमा | -60°C से +60°C |
| शेल्फ लाइफ | कम से कम 15 वर्ष |
| प्रस्तावित खरीद | 273 लाइव रॉकेट |
| प्रशिक्षण राउंड | 2,400 |
| संभावित इंडक्शन | 2026-27 |
Frequently Asked Questions (FAQ)
प्रश्न 1: भारतीय नौसेना स्वदेशी 80-मिमी रॉकेट किस विमान के लिए विकसित करना चाहती है?
उत्तर: MiG-29K और MiG-29KUB लड़ाकू विमानों के लिए।
प्रश्न 2: 80-मिमी एयरो रॉकेट किस प्रकार का हथियार है?
उत्तर: यह एक Unguided Air-to-Ground Weapon है।
प्रश्न 3: INS Vikrant का विशेष महत्व क्या है?
उत्तर: यह भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है।
प्रश्न 4: इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
उत्तर: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और आयात निर्भरता कम करना।
प्रश्न 5: रॉकेट की अधिकतम मारक दूरी कितनी होगी?
उत्तर: लगभग 4 किलोमीटर।
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
1. भारतीय नौसेना ने किस प्रकार के रॉकेट के लिए EOI जारी की है?
(A) ब्रह्मोस मिसाइल
(B) 80-मिमी एयरो रॉकेट
(C) आकाश मिसाइल
(D) नाग मिसाइल
उत्तर: (B)
2. MiG-29K किस प्रकार का विमान है?
(A) परिवहन विमान
(B) बमवर्षक विमान
(C) कैरियर-आधारित लड़ाकू विमान
(D) हेलीकॉप्टर
उत्तर: (C)
3. भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत कौन-सा है?
(A) INS विराट
(B) INS विक्रांत
(C) INS विक्रमादित्य
(D) INS कोलकाता
उत्तर: (B)
4. आत्मनिर्भर भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) आयात बढ़ाना
(B) निर्यात कम करना
(C) विदेशी निवेश रोकना
(D) आत्मनिर्भरता बढ़ाना
उत्तर: (D)
5. प्रस्तावित 80-मिमी रॉकेट की कवच भेदन क्षमता कितनी है?
(A) 200 मिमी
(B) 300 मिमी
(C) 400 मिमी
(D) 500 मिमी
उत्तर: (C)