ओडिशा में बनेगी भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट

 

ओडिशा में बनेगी भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट

ओडिशा में बनेगी भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट

संक्षिप्त सारांश

भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए ओडिशा सरकार, Intel और 3D Glass Solutions के सहयोग से देश की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। भुवनेश्वर के इंफो वैली में बनने वाली यह परियोजना AI, रक्षा, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और दूरसंचार क्षेत्र के लिए अत्याधुनिक चिप तकनीक विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


मुख्य बिंदु (Key Points)

  • ओडिशा में भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट स्थापित होगी।
  • परियोजना भुवनेश्वर के इंफो वैली क्षेत्र में स्थापित की जाएगी।
  • समझौता ओडिशा सरकार, Intel और 3D Glass Solutions के बीच हुआ।
  • परियोजना को अगस्त 2025 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी मिली थी।
  • कुल अनुमानित लागत लगभग ₹1,943.53 करोड़ है।
  • केंद्र सरकार ₹799 करोड़ और राज्य सरकार ₹399.5 करोड़ का सहयोग देगी।
  • व्यावसायिक उत्पादन अगस्त 2028 तक शुरू होने की संभावना है।
  • यह परियोजना AI, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और अगली पीढ़ी की संचार प्रणालियों को बढ़ावा देगी।

सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्या है?

सेमीकंडक्टर पैकेजिंग वह प्रक्रिया है जिसमें माइक्रोचिप (Integrated Circuit) को सुरक्षित किया जाता है और उसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग के लिए तैयार किया जाता है। यह चिप की सुरक्षा, प्रदर्शन और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


ग्लास सब्सट्रेट का महत्व

  • उच्च घनत्व (High Density) इंटरकनेक्शन को संभव बनाता है।
  • 3D Heterogeneous Integration तकनीक को समर्थन देता है।
  • छोटे आकार में अधिक शक्तिशाली चिप्स विकसित करने में मदद करता है।
  • ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) बढ़ाता है।
  • AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए उपयुक्त है।

उत्पादन क्षमता

परियोजना के पूर्ण संचालन के बाद:

  • 70,000 ग्लास सब्सट्रेट प्रति वर्ष
  • 5 करोड़ असेंबल्ड यूनिट प्रति वर्ष
  • 13,000 उन्नत 3डी हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन मॉड्यूल प्रति वर्ष

उत्पादन होने की संभावना है।


ओडिशा का उभरता सेमीकंडक्टर हब

  • ओडिशा में भारत की पहली वाणिज्यिक कंपाउंड सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई भी स्थापित की जा रही है।
  • यह परियोजना Class-SiC Wafer Fab और SixSem के सहयोग से विकसित होगी।
  • राज्य भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।

GK तथ्य

  • भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट भुवनेश्वर में स्थापित होगी।
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय योजना है।
  • कंपाउंड सेमीकंडक्टर में Silicon Carbide (SiC) और Gallium Nitride (GaN) का उपयोग होता है।
  • ग्लास सब्सट्रेट अगली पीढ़ी की चिप पैकेजिंग तकनीक का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
  • सेमीकंडक्टर को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की "रीढ़" माना जाता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. भारत की पहली 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट कहाँ बनेगी?

भुवनेश्वर (ओडिशा) के इंफो वैली क्षेत्र में।

2. परियोजना की कुल लागत कितनी है?

लगभग ₹1,943.53 करोड़।

3. उत्पादन कब शुरू होने की संभावना है?

अगस्त 2028 तक।

4. इस तकनीक का उपयोग किन क्षेत्रों में होगा?

AI, रक्षा, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और दूरसंचार में।

5. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का उद्देश्य क्या है?

भारत में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण को बढ़ावा देना।


क्विज प्रश्न (Quiz Questions)

1. भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट किस राज्य में स्थापित होगी?

A. गुजरात
B. तमिलनाडु
C. ओडिशा ✅
D. कर्नाटक

2. परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है?

A. ₹1,200 करोड़
B. ₹1,943.53 करोड़ ✅
C. ₹2,500 करोड़
D. ₹3,000 करोड़

3. इस परियोजना को किस मिशन के तहत मंजूरी मिली?

A. डिजिटल इंडिया मिशन
B. मेक इन इंडिया
C. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ✅
D. स्टार्टअप इंडिया

4. व्यावसायिक उत्पादन कब शुरू होने की संभावना है?

A. 2027
B. 2028 ✅
C. 2029
D. 2030

5. ग्लास सब्सट्रेट मुख्य रूप से किस तकनीक में उपयोग होते हैं?

A. 2D पैकेजिंग
B. 3D हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन ✅
C. ऑप्टिकल फाइबर
D. बैटरी निर्माण

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